ग्रामीण विकास में सही अभिसरण
सरकार ने एक ही मंत्री के तहत कृषि और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालयों को मिलाकर लंबे समय से रखा है। भले ही यह लाखों ग्रामीण घरों की खाद्य, पोषण और आजीविका सुरक्षा से संबंधित कार्यक्रमों के बीच अभिसरण को बढ़ाएगा। लेकिन यह कृषि क्षेत्र के लिए पर्याप्त नहीं है।

blog.hindi.india71.com

सरकार ने एक ही मंत्री के तहत कृषि और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालयों को मिलाकर लंबे समय से रखा है। भले ही यह लाखों ग्रामीण घरों की खाद्य, पोषण और आजीविका सुरक्षा से संबंधित कार्यक्रमों के बीच अभिसरण को बढ़ाएगा। लेकिन यह कृषि क्षेत्र के लिए पर्याप्त नहीं है।

“द इंडियन एक्सप्रेस” में रीता शर्मा द्वारा लिखा गया संपादकीय लेख ‘द राइट कन्वर्जेंस’  मे उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर संचालन और कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के बीच समानता की डिग्री 2019-20 अंतरिम बजट अनुमानों से स्पष्ट होती है और यह तथ्य कि ग्रामीण विकास मंत्रालय में कृषि और संबद्ध गतिविधियां मनरेगा के तहत 70 प्रतिशत संसाधनों का प्रमुख कार्यक्रम है। मंत्रालय के बजट का लगभग आधा हिस्सा मनरेगा का है। 
 
2008-09 में कृषि, जल संसाधन, भूमि संसाधन, पर्यावरण और वनों के मंत्रालयों के साथ अभिसरण शुरू किया गया था। यह मनरेगा के तहत बनाई गई संपत्तियों के स्थायित्व और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए था  इन वर्षों में, मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा, बागवानी, कृषि-वानिकी, ग्रामीण आजीविका, पशुपालन, मत्स्य पालन, और राज्य की योजनाओं जैसे कपिलधारा, सहस्त्रधारा, भूमि शिल्प और वान्या पर केंद्रीय कार्यक्रमों के साथ जोड़ा गया । 

यदि 2022-23 तक किसानों की आय दोगुनी करने की चुनौती को पूरा करना है, तो इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए कि कृषि एक बहुआयामी उद्यम है। इस क्षेत्र में संरचनात्मक परिवर्तन तेजी से हो रही है, जो कई कारकों से प्रभावित है। अब ये एक कमोडिटी प्रोडक्शन सिस्टम तक सीमित नहीं है, कृषि क्षेत्र अब एक समग्र कृषि-खाद्य प्रणाली में बाजार और मूल्य-श्रृंखला जैसी उत्पादन की गतिविधियों को गले लगाता है। इसके साथ ही, किसान कल्याण, कमजोर समुदायों का लचीलापन बनाना, प्राकृतिक संसाधनों का कायाकल्प करना, जलवायु परिवर्तन को संबोधित करते हुए इसे केंद्र में रखना चाहिए।

पढ़िए पूरी कहानी ग्रामीण विकास में सही अभिसरण

YOUR REACTION?

Facebook Conversations